अजमेर. ।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार सेंगवा की अध्यक्षता में शुक्रवार को बाल विवाह रोकथाम के लिए विभिन्न समाजों तथा विवाहों से संबंधित व्यक्तियों एवं संगठनों की बैठक आयोजित हुई। इसमें बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए संकल्प लिया गया।

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट सेंगवा ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिता भदेल की ओर से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए निर्देशों को समाज के विभिन्न तबकों तक पहुंचाने के लिए बैठक आयोजित की गई।

शादी समारोह में टेंट लगाने वाले व्यवसायी टेंट की बुकिंग करने से पूर्व वर एवं वधु की आयु का पुख्ता प्रमाण पत्र लेंगे। इसी प्रकार हलवाई एसोसिएशन एवं फोटोग्राफी से जुड़े व्यक्ति भी केवल बालिग की शादी में ही अपनी सेवाएं देंगे।


उन्होंने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेद नियम का उल्लघंन करने पर घराती, बाराती, हलवाई, पण्डित, घोड़ीवाले, कार्ड मुद्रक, फोटोग्राफर के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। न्यायालय की ओर से जुर्माना एवं सजा का प्रावधान है। प्रशासन की ओर से बाल विवाह के संबंध में शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए उपखण्ड स्तर पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

इनकी देखरेख में 24 घंटे नियंत्रण कक्ष कार्यरत रहता है। जिला स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं चाइल्ड लाइन हैल्प लाइन नम्बर 1098 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर महिला अधिकारिता विभाग के कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र शर्मा, अजमेर टेंट लाइट समिति के सर्वेश्वर तिवाड़ी, हलवाई एसोसिएशन के गोपाल शर्मा, सैन समाज के गणेश सैन, रामावतार सैन, सैन समाज सामूहिक विवाह समिति के वीरेन्द्र सैन, फोटोग्राफर राजेश उपस्थित थे।