अजमेर। ।

 आनासागर चौपाटी से चारों तरफ दिखाई देने वाली पहाडिय़ों को नयनाभिराम बनाने के लिए समस्त पहाडिय़ों को हरीतिमा युक्त किया जाएगा। इसके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लान्ट (एसटीपी) के द्वारा परिशुद्ध किया गया पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।


 यह पानी पाइप लाइन के माध्यम से पहाड़ी पर चढ़ाया जाएगा जहां इसका उपयोग पेड़ों को पानी देने में किया जाएगा। पानी को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने के लिए पीएचईडी द्वारा तकनीकी सहयोग उपलब्ध करवाया जाएगा। जिला कलक्टर गौरव गोयल ने विभिन्न विभागों की समीक्षात्मक बैठक में यह निर्देश दिए हैं।

वन विभाग लगाएगा 1 लाख पौधे


वन विभाग के द्वारा इस पूरे क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के बायोडाइवर्सिटी युक्त लगभग एक लाख पेड़ लगाए जाएंगे। इसके लिए दो प्रकार की पद्धतियां उपयोग में लाई जाएगी। दुर्गम एवं ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बीजो को फैलाकर हराभरा किया जाएगा। सामान्य क्षेत्रों में 6 फीट ऊंचे पौधे लगाए जाएंगे। नौसर घाटी क्षेत्र में लगभग 5 हजार बोगनबेलिया के पौधे वन विभाग द्वारा रोपित किए जाएंगे।

पंचायत समितियों में लगेंगे अधिक पौधे


गोयल ने कहा कि जिले की समस्त पंचायत समितियों में 5-5 हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग के द्वारा स्वयं की भूमि होने पर उस स्थान पर नया वन विकसित किया जाएगा। स्वयं की भूमि नहीं होने पर खाली पड़ी सरकारी भूमि पर भी नए वन विकसित किए जा सकेंगे।


विकसित होंगे 74 चरागाह


गोयल ने कहा कि जिले में इस वर्षाकाल में जल संरक्षण विभाग के द्वारा 74 नए चरागाह विकसित किए जाए। साथ ही पिछले वर्ष विकसित किए गए चरागाहों की मेंटेनेंस का कार्य भी पूरा किया जाएगा।


वेबसाइट पर मिलेगी सड़कों की जानकारी


जिले में निर्मित समस्त सड़कों के गारंटी पीरियड के दौरान ठेकेदार को इसकी मरम्मत करनी होगी। गारंटी अवधि की सड़कों की जानकारी शीघ्र ही जिला प्रशासन की वेबसाइट पर डाली जाएगी। कोई भी व्यक्ति इन सड़कों की जानकारी लेकर धरातल की स्थिति के अनुसार मरम्मत के लिए शिकायत कर सकेगा।


 इससे आम नागरिक अपने आसपास की सड़क पर निगरानी रखकर ठेकेदार को मरम्मत के लिए पाबंद कर सकेंगे।बैठक में जिला परिषद सीईओ निकया गोहाएन, एडीएम किशोर कुमार, अबु सूफियान चौहान, डीएसओ दीप्ति शर्मा, नगर निगम की उपायुक्त ज्योति ककवानी, जिला भामाशाह अधिकारी पुष्पा सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।