मुंबई ।

कंपनी में क्रिएटिव माहौल पैदा करने और टीम वर्क को प्रोत्साहित करने के लिए देश की सबसे बड़ी ऑटो कंपनी टाटा मोटर्स ने अपने सभी कर्मचारियों के पदनाम खत्म करने का ऐलान किया है। कंपनी का कहना है कि इससे समानता को बढ़ावा मिलेगा।



कंपनी ने जिन पदों को खत्म करने का फैसला किया है, उनमें जनरल मैनेजर, सीनियर जनरल मैनेजर, डिप्टी जीएम, वाइस प्रेसिडेंट, सीनियर वाइस प्रेजिडेंट जैसे पद भी शामिल भी हैं। हालांकि प्रबंध निदेशक, सीईओ और नेतृत्व टीम के अन्य सदस्यों समेत कार्यकारी समिति के लोग अपने पदनाम का इस्तेमाल जारी रखेंगे। 



फैसले से कंपनी के 10,000 अफसर प्रभावित होंगे। टीम के सभी मैनेजर्स को अब पद नाम के जगह 'हेड' का दर्जा दिया जाएगा। उनके नाम के बाद उनके विभाग का नाम दिया जाएगा।



यह निर्णय कंपनी में बॉस संस्कृति से मुक्त माहौल बनाने के लिए किया गया है। इस पहल के तहत कर्मचारियों की अपनी टीम को लीड करने वाले एल-1 से एल-5 कैटेगरी के बीच के सभी मैनेजर्स को टीम हेड के साथ उनके विभाग के नाम से संबोधित किया जाएगा। यानी मैनेजर्स अब टीम हेड माने जाएंगे। 



इसी तरह अन्य कर्मचारियों को व्यक्तिगत सहयोगी (आईसी-4 से आईसी-6) के तौर पर ही जाना जाएगा। बस वह अपने नाम के आगे अपने विभाग का नाम लगाएंगे। टाटा मोटर्स ही नहीं बीते कुछ सालों में कई ऐसी कंपनियां हैं, जिन्होंने वरिष्ठता क्रम को 14 लेवल्स की बजाय 5 लेवल्स तक ही सीमित कर दिया है।