बाड़मेर. ।

जिस उम्र में बेटे का घर बसाने की चिंता माता-पिता को होती है, उस उम्र में बेटे की उजड़ती जिंदगी देख कलेजा मुहं को आ रहा है। 19 वर्ष के बेटे की दोनों किडनी खराब हो गई, महंगे इलाज की सामथ्र्य परिवार की नही है। बेटे की दोनों किडनी खराब है। किडनी तो मां देने को तैयार है। लेकिन इलाज के लिए पैसे नहीं है।



जिले के हाथीतला के डूगेरों का तला निवासी डूंगराराम का बेटा जेठाराम कुछ वर्ष पहले घर की आर्थिक स्थिति को कमजोर देख गगांनगर के रायसिंगनगर में मजदूरी पर गया था, लेकिन वहां बीमार हो गया। गुजरात में जांच करवाई। गरीब पिता ने इलाज के लिए इधर-उधर खूब कोशिश की लेकिन फर्क नहीं पड़ा। करीब दो लाख रुपए खर्च होने के बाद अब उसकी दोनों किडनियां खराब बताई है। परिवार की सारी आस टूट गई है। किडनी देने को तैयार मां कहती है कि उसके पास किडनी है लेकिन महंगे उपचार का सामथ्र्य नहीं ।



परिवार की हालत खराब

जेठाराम परिवार में सबसे ज्येष्ठ है। उसके एक छोटा भाई व तीन बहने हैं। परिवार की माली हालत पहले से खराब थी और अब बड़े बेटे के बीमार होने और उस पर लग रहे खर्च ने पूरे परिवार को पाई-पाई को मोहताज कर दिया है।



सरकारी मदद मिलनी चाहिए

जेठाराम की हालात खराब है। जिले में किडनी के प्रकरण लगातार बढ़ रहे हैं। इसके लिए सरकारी मदद का प्रावधान होना चाहिए और संबंधित चिकित्सक ही इसकी जानकारी दें और इसके बाद उपचार मुफ्त होने का नियम बने।- सवाईसिंह राठौड़, सामाजिक कार्यकर्ता