भीलवाड़ा। ।

जिले में लगातार एक के बाद मासूम अंधविश्वास का शिकार बन रहे हैं। इन मासूमों पर उपचार के नाम पर अंधविश्वास के चलते परिजन कहर ढा रहे है। अबकि बार अंधविश्वास का शिकार बना एक तीन माह का मासूम। जिसे फुंसी के इलाज के नाम पर परिजनों ने गर्म व लाल सलाखों से दाग कर डाम लगा दिया। 


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जब बच्चे की हालत बिगड़ी तो उसे भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। फिलहाल परिजन मासूम के डाम लगाने से साफ मुकर रहे है, जबकि बच्चे के शरीर पर लगे डाम के निशान साफ कहानी बयां कर रहे हैं। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सुमन त्रिवेदी ने महात्मा गांधी चिकित्सालय पहुंच मासूम की कुशलक्षेम पूछी तथा वह परिजनों से घटना की जानकारी ले रही है।


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यह डाम राजसमन्द जिले के रेलमगरा क्षेत्र के कुण्डिया गांव में बालक की दादी ने लगवाया था। राजसमन्द जिले के कुण्डिया में रहने वाले मुकेश राव के तीन माह के पुत्र गोविन्द के पेट पर फुंसियां होने की शिकायत पर उसकी दादी देऊ बाई ने किसी गर्म चीज से उसे दाग दिया। बाद में बच्चे की हालत बिगड़ी तो उसे महात्मा गांधी चिकित्सालय के शिशु वार्ड में भर्ती कराया गया। चिकित्सालय प्रशासन ने इसकी सूचना अस्पताल चौकी पुलिस को दी। 

भीलवाड़ा पुलिस ने इसकी सूचना राजसमन्द पुलिस को भेज दी है। सूचना पर बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सुमन त्रिवेदी भी चिकित्सालय पहुंची। बच्चे की दादी देऊ बाई ने बताया कि उसकी पेट पर फुंसियां होने से उसके उपचार के लिए किसी पेड़ के पत्ते को गर्म करके लगाया था किसी गर्म सलाखों से नहीं दागा गया। सवा माह में डाम की यह पांचवीं घटना है।