बीकानेर ।

निर्जला एकादशी सोमवार को मनाई जाएगी। इस अवसर पर लक्ष्मीनाथ मंदिर में मेला भी लगेगा। श्रद्धालु जल पीये बिना ही व्रत रखेंगे। 



ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से सालभर के 24 एकादशी का पुण्य मिलता है। ज्योतिषाचार्य पं. चन्द्रशेखर श्रीमाली ने बताया कि यह एकादशी सबसे महत्वपूर्ण है। 



ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। इस व्रत को भीम ने धारण किया था इसलिए इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है।


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 इस व्रत से मनुष्य को सभी पापों की मुक्ति के साथ ही मोक्ष मिलता है। इस व्रत को करने से व्यक्ति को दीर्घायु व मोक्ष की प्राप्ति होती है।