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अमेजन के फाउंडर जेफ ने पूछा, कहां दान करूं अरबों की दौलत, मिले एेसे जवाब

नई दिल्ली।

ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अमेजन के फाउंडर और दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी जेफ बेजोस ने लोगों से ऐसा सवाल किया है कि उन्हें सैकड़ों जवाब मिले। उन्होंने अपने ट्वीटर वॉल से लोगों से पूछा कि मैं अपनी संपत्ति को कैसे डोनेट करूं। जेफ बेजोस ने ट्वीट अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि मैं अभी लोगों की मदद करने पर ध्यान देना चाहता हूं, ऐसी मदद जिसकी जरूरत तुरंत और असर गहरा हो। जेफ बेजोस ने आगे लिखा, कि अगर आपके पास कोई आइडिया है तो इस ट्वीट के रिप्लाई कर अपना आइडिया मुझसे शेयर करें। 



30000 जवाब 

24 घंटे के भीतर ही इसके जवाब में लोगों ने 30 हजार से ज्यादा ट्वीट किए। कई लोगों  ने उन्हें लाइब्रेरी पर पैसे खर्च करने को कहा तो कई ने उन्हें अमरीका की एलजीबीटीक्यू क युनिटी की भी हेल्प करने का सुझाव दिया। कुछ लोगों ने उन्हें हेल्थ सेक्टर में भी काम करने का सुझाव दिया। 


अपनी संस्था के लिए मांगा

जेफ से दान की रकम लेने के लिए कई लोगों ने अपनी कंपनी या संस्था के लिए ढेर सारे रीट्वीट किए। किसी ने कहा कि मैं दृष्टिहीनों के लिए स्कूल चलाता हूं, तो किसी ने कहा कि मैं अपने मोहल्ले के बदमाश बच्चों को काम देना चाहता हूं। 


महिलाओं के लिए आवाजें 

कई महिलाओं ने सलाह दी कि वे महिला सशक्तिकरण के लिए संपत्ति लगाए। वे बच्चा पैदा करने अधिकार, उनकी सेहत, गर्भनिरोधक प्रोजेक्ट में पैसा लगाएं। यौन शिक्षा पर जोर देते हुए  लिखा कि इससे  महिलाओं के प्रति होने वाले यौन अपराध कम होंगे। 


यह मिले जवाब 

-  ऐसा कीजिए लाइब्रेरी खुलवा दीजिए, क्योंकि जब शिक्षा आती है तो बहुत सारी समस्याओं का हल हो जाता है। हम आपकी मदद के लिए आभारी रहेंगे। 

- 40 प्रतिशत युवा बेघर हैं। आप एलजीबीटी समुदाय से आते हैं। तो उनके लिए घर बना दीजिए। कई युवा बेघर होते हैं तनाव में हर साल जान दे रहे हैं। 

- क्या आप मुझे सर्जरी के लिए कुछ धनराशि मुहैया करा सकते हैं।

- अमरीका में अभी भी अच्छी शिक्षा बड़ा मुद्दा है। क्वालिटी एजुकेशन की कमी के कारण कई लोग अच्छी नौकरियां नहीं पा रहे हैं।



... जब 'थ्री इडियट्स' बने मोदी सरकार के तीन मंत्री, अरुण जेटली, पीयूष गोयल आैर धर्मेन्द्र प्रधान!

नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट के तीन अहम मंत्री एक छोटी सी गलतफहमी के चलते 'थ्री इडियट्स' बन गए। एक वाकये के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस विश्लेषण से खुद को नवाजा है। 



हुआ यूं कि हाल ही में जेटली दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में चल रही एक अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में थे कि तभी संस्कृति मंत्री महेश शर्मा की बेटी उनके पास पहुंची। उसने बेहद मायूस स्वर में जेटली से कहा कि 'निर्मला' उनके पिता के नोएडा के कैलाश अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हैं और उनकी हालत बहुत ही नाजुक हैं।



यह सुनते ही जेटली ने सोचा कि वाणिज्य व उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण से तो कुछ दिनों पहले ही वह मिले थे, तब तो वे स्वस्थ लग रही थीं। जेटली सोच में डूब गए कि न जाने निर्मला सीतारमण को अचानक क्या हो गया कि उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा।  जेटली, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान के साथ फौरन ही अस्पताल के लिए निकल गए। रास्ते में ही तीनों को पता चला कि केंद्रीय मंत्री निर्मला नहीं, बल्कि उनकी नौकरानी निर्मला अस्पताल में भर्ती है।


नोएडा बॉर्डर पर आया पत्नी का फोन

तीनों दिल्ली नोएडा के बोर्डर पर पहुंचे ही थे कि जेटली को उनकी बीवी संगीता जेटली का फोन आ गया। संगीता ने जेटली से कहा कि जल्दी से घर आ जाइए कोई आपसे मिलने के लिए इंतजार कर रहा है। जेटली ने संगीता से कहा कि अभी हम निर्मला सीमारमण से मिलने अस्पताल जा रहे हैं। यह सुनने के बाद संगीता समझ गईं कि तीनों मंत्रियों को गलतफहमी हुई है क्योंकि अस्पताल में उनकी कामवाली भर्ती है जिसका नाम भी निर्मला है, न कि निर्मला सीतारमण। 


सीतारमण ने पूछा, क्यों नहीं मिले?

जब इस गलतफहमी के बारे में निर्मला सीतारमण को पता चला तो उन्होंने गोयल और प्रधान से पूछा कि वे उनसे वापस क्यों नहीं मिले। इसका जवाब देते हुए दोनों मंत्रियों ने कहा कि उस समय हम तीनों '3 इडियट्स' जैसे लग रहे थे।


देश के 67000 केंद्रीय कर्मियों का होगा रिव्यू, अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वालों को घर बैठाएगी मोदी सरकार

नई दिल्ली।

केंद्र सरकार 67 हजार से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड देखकर पता लगाएगी। कौन कैसा परफॉर्म कर रहा है। अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले कर्मचारियों को घर बैठा दिया जाएगा। इसमें आईपीएस और आईएएस अफसर भी शामिल हैं। इस प्रक्रिया से केंद्र सरकार शासकीय सेवाओं को बेहतर बनाकर प्रशासनिक कसावट चाहती है। 


कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इस रिव्यू के तहत कोड ऑफ कंडक्ट तोडऩे वालों को भी सजा दी जाएगी। सरकार 67 हजार केंद्रीय कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड रिव्यू कर रही है ताकि नॉन-परफॉर्मेंस कर्मचारियों का पता लगाया जा सके। खराब प्रदर्शन वालों को सरकार अनिवार्य रिटायरमेंट देगी। 


25 हजार सिविल सर्विस से 

कुल 67 हजार केंद्रीय कर्मचारियों में 25 हजार ग्रुप ए सर्विस के आईएएस, आईपीएम और आईआरएस अधिकारी हैं। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता सेवाओं के पहुंच को समय से बढ़ाने की है। सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को बढ़ाना चाहती है। इससे ईमानदारी से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सही माहौल बनेगा। सरकार अपने कर्मचारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन समय-समय पर करती रहती है।


पिछले साल 129

पिछले साल केंद्र सरकार ने 129 नॉन परफॉर्मिंग कर्मचारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट दे दिया था। इसमें आईएएस और आईपीएस भी शामिल थे। 




राजस्थान: पुलिस ने कब्र से निकाला 8 महीने पहले दफनाए बच्चे का शव, देश में संभवतः पहला मामला

नागौर।

श्रीबालाजी थाना क्षेत्र के अलाय गांव का चर्चित गैंगरेप मामला एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। चर्चा का कारण आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि नवजात का आठ माह पूर्व दफनाया गया शव बाहर निकालना रहा। 



पीडि़ता द्वारा उसके मृत बच्चे का दुबारा डीएनए जांच की मांग के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी रविवार को अलाय पहुंचे तथा बालक का दफनाया गया शव निकालकर डीएनए टेस्ट के लिए सैम्पल लिए। 



इस दौरान नागौर एसडीएम परसाराम टाक, मकराना सीओ पूनमसिंह व नागौर जेएलएन अस्पताल के चिकित्सकों की टीम मौजूद रही। टीम ने गड़े शव को बाहर निकाल कर डीएनए के लिए सैंपल लिए। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई तथा बच्चे का शव निकालना चर्चा का विषय बन गया।



जानिए, क्या था मामला

गौरतलब है कि गत वर्ष 8 अगस्त को श्रीबालाजी थाने में रिपोर्ट देकर अलाय निवासी आरएसी कांस्टेबल की पत्नी ने आरोप लगाया कि गांव के एक शिक्षक कैलाश, पुलिसकर्मी सुभाष व एक अन्य युवक सहीराम ने उसके साथ कई बार गैंगरेप किया। 



पीडि़ता ने रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया था कि उसके पेट में बच्चा है और वह गैंगरेप के चलते हुआ है। मामला दर्ज कराने के कुछ समय बाद यानी 26 अगस्त को पीडि़ता ने बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में बालक को जन्म दिया, लेकिन जन्म के 5 दिन बाद ही नागौर के जेएलएन अस्पताल में बच्चे की मौत हो गई। 




राष्ट्रवादी क्रान्तिकारी सन्त की अजीब घोषणा सुन चौंक गया हर कोई, बोले- 'शमशान घाट में मनाऊंगा 50 वां जन्मदिन'

पाटन।

प्रखर राष्ट्रवादी क्रान्तिकारी सन्त जैन मुनि तरुण सागर  ने रविवार को अपने जन्म दिन मनाने के सन्दर्भ में अनोखी घोषणा कर अपने अनुयायियों व भक्तों को चौंका दिया।




महाराज ने सुबह नौ बजकर इक्कीस मिनट पर पर यह घोषणा की कि वे अपना पचासवां जन्मदिन बिना किसी हर्षोल्लास के श्मशान घाट में मनाएंगे जिसमें उनके भक्त शामिल हो सकते हैं। 




महाराज ने अपने हसामपुर प्रवास के दौरान कहा कि 50 जन्मदिन एक महत्वपूर्ण दिन होता है।  यह जन्म दिन मेरा नहीं होकर मेरे शरीर का है। जीवन की वास्तविकता मृत्यु है इसलिए जीवन के यथार्थ को सन्देश के रूप में समाज के समक्ष पहुंचाने के लिए  उन्होंने यह निर्णय लिया है। 




महाराज दिल्ली से सीकर विहार के दौरान हसामपुर गांव में रूके थे। जहां उन्होंने सीकर, दिल्ली, अलवर व अनेक जगहों से आए श्रद्धालुओं के सामने यह घोषणा की। महाराज विहार के दौरान अपने जन्मदिन छब्बीस जून को सम्भवतया उदयपुरवाटी रहेंगे।