चंडीगढ। ।

पंजाब सरकार ने विपक्ष की जद्दोजेहद के बीच सोमवार को पांच एकड तक जोत वाले प्रदेश के सभी लघु और सीमांत किसानों के दो लाख रूपए तक के कर्जे पूरी तरह माफ  कर दिए। मुख्यमंत्री केप्टेन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में यह घोषणा की। 



करीब डेढ़ लाख सीमांत किसानों को कर्ज माफी के अलावा दो लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा भी की गई है। कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए किसानों के कर्ज माफ  करने का चुनावी वायदा किया था। 



मुख्यमंत्री ने सदन में अपने संबोधन के दौरान कर्ज माफी की घोषणा करते हुए कहा कि इससे कुल 10.25 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। इनमें 8.75 लाख सीमांत किसान भी शामिल है। प्रमुख अर्थशास्त्री डॉ टी हक की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर कर्ज माफ ी की घोषणा की गई।



मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्महत्या करने वाले किसान परिवार का संस्थागत स्रोतो से लिए गए कर्ज का जिम्मा सरकार लेगी। आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार को राहत राशि भी अब तीन लाख रुपए से बढ़ाकर पांच लाख रुपए की जा रही है। 



गैर संस्थागत स्रोतों से लिए गए कर्ज के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए पंजाब कृषि कर्जों का निपटारा अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। इस संशोधन में कर्ज के निपटारे के लिए किया जाने वाला समझौता कानूनन कर्ज देने व लेने वाले पर समान रूप से मान्य करने का प्रावधान किया जाएगा। इस एक्ट में संशोधन के लिए केबिनेट सब कमेटी का गठन पहले ही किया जा चुका है।