कोटा. ।

स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछडऩे के बाद भी नगर निगम प्रशासन शहर की सफाई व्यवस्था की सुध नहीं ले रहा। वहीं दूसरी ओर  शिक्षा नगरी में कोचिंग करने वाले विद्यार्थियों को सड़क किनारे पड़े कचरे के ढेर कचोटते हैं। एेसे ही एक कोचिंग विद्यार्थी ने उसके 'रास्ते का कचरा हटाकर निगम प्रशासन को आईना दिखाया है।


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विज्ञान नगर निवासी हर्षवर्धन निगम को  कोचिंग के रास्ते में एक कचरा पाइंट बहुत अखरता था। उसने ठान रखा था कि जेईई में क्वालीफाई होने के बाद वह खुद इस कचरा पाइंट का साफ करेगा। पिछले दिनों आए परिणाम में उसका चयन होने पर उसने खुद से किया वादा पूरा कर दिया। 


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हर्षवर्धन ने बताया कि आईएल फैक्ट्री से सटे रोड पर कचरा पाइंट पर हमेशा कचरा सड़ता रहता था। यहां नियमित सफाई नहीं होती थी। यहां से गुजरने पर बदबू आती थी, लेकिन इसी रास्ते से आना-जाना मजबूरी थी। 


रविवार को हर्षवर्धन और उसके दोस्तों ने सुबह 7 बजे से दोपहर 11.30 बजे तक श्रमदान कर कचरा हटाया और दीवारों पर चित्रकारी की। हर्षवर्धन की मां भावना निगम और पिता हेमंत निगम ने भी बच्चों का हौसला बढ़ाया। 


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पार्षद गिरिराज महावर ने बच्चों की पहल के बारे में उपमहापौर को बताया। उप महापौर सुनीता व्यास और नगर विकास न्यास के अध्यक्ष आर.के. मेहता ने मौका देखा। उन्होंने बच्चों के प्रयास की सराहना करते हुए यहां ग्रीन बेल्ट एवं फेंसिंग लगाने की घोषणा की। उपमहापौर ने शौचालय की समस्या को देखते हुए शौचालय बनवाने का आश्वासन दिया। 


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साईक्लोट्रोट्स क्लब ने किया सहयोग

साईक्लोट्रोट्स साइकिलिंग क्लब के सदस्यों ने श्रमदान कर कचरा पाइंट साफ करने और दीवारों को रंगने में सहयोग दिया। सदस्यों ने दीवार के पास पौधे भी लगाए। रंगरोगन और पौधारोपण के बाद रास्ते की सूरत ही बदल गई।  क्लब सदस्य चंद्रेश ने बताया कि क्लब शहर में और भी एेसी जगहों पर सफाई करेगा।