नई दिल्ली। ।

भारत और पाकिस्तान के बीच चैंपियंस ट्रॉफी के लिए खेली गई खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। इस मैच के दौरान पल-पल बदलते समीकरणों ने जहां टीम इंडिया को मुश्किलों में डाल दिया तो वहीं पाकिस्तान की राहें इस कारण काफी आसान हो गई। 



अक्सर भारत-पाक के मैच में अगर सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा होता है। तो फैंन्स भी खुशी से झूमते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो सीधे टीम के कप्तान को सवालों के घेरे में ले लिया जाता है। इस मैच के दौरान भी कई ऐसे मौके आए जहां टीम इंडिया की खमियां नजर आईं। जिसके कारण शायद टीम इंडिया मैच गवां बैठी। 



आईए नजर डालते हैं कप्तान कोहली उन गलतियों पर और टीम के गलत फैसले और खमियों पर....



सबसे पहले तो भारत ने टॉस जीतकर पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी करने का मौका दिया। जो कि फैंन्स के गले नहीं उतरी। टीम के कप्तान ने भले ही अपनी मजबूत बल्लेबाजी क्रम को ऐसा देखते हुए किया। बावजूद इसके पाकिस्तान की टीम ने इसका पूरा फायदा उठाया। हालांकि इस मैच में किस्मत भी पाक के साथ रहा। जहां फखर जहां 3 रन के स्कोर पर बुमराह के गेंद पर कैच आउट हो गए थे। लेकिन ये नोबॉल हो गया। जिसके बाद फखर जहां ने भारत के खिलाफ अपना शतक बना टीम को बेहतर स्कोर पर पहुंचा दिया। 



अगर पिछले मैच की बात करें तो सेमिफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ केदार जाधव ने खासा कमाल दिखाया था। बावजूद इसके कप्तान कोहली ने काफी देर बार मौका दिया। जो कि कहीं ना कहीं उनके समीकरण पर ऊंगली उठाती है। जहां स्लॉग ओवर में जाधव से गेंद फेंकवाई। बावजूद इसके जाधव ने 39वें ओवर में 7 रन दिए तो वहीं 43वें ओवर में 4 रन देकर 1 विकेट हासिल किए। उन्हें पहले लाना चाहिए था। तो वहीं जाधव ने 45वें ओवर में 16 रन दें डाले। जो कि टीम के लिए काफी मंहगा साबित हुआ। 



मैच से एक दिन पहले गेंदबाद रविचंद्रन अश्विन को प्रैक्टिस के दौरान घुटने में चोट आ गई थी। कल तक उनके खेलने पर स्थिति साफ नहीं हो पाई थी। लेकिन आखिरी मौके पर उन्हें टीम शामिल कर लिया गया। जहां कप्तान ने उनसे पूरे ओवर कराए, लेकिन उन्होंने 10 ओवर में 70 रन दिए। जहां उन्होंने एक भी विकेट हासिल नहीं किए। 



तो वहीं फैन्स का मानाना था कि कप्तान कोहली को युवराज सिंह का बेहतर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। जहां वह एक चेंज बॉलर के रुप में अपनी योग्यता के मुताबिक बेहतर कर सकते थे। जो टीम के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता था। 



उसके बाद जब भारत लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत का शीर्ष बल्लेबाजी क्रम लगातार बिखरता चला गया। चैंपियंस ट्रॉफी में इससे पहले तक मैचों में टीम इंडिया के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने अपने दम पर ही मैच को जीतने में कामयाब रहे। जहां मध्य क्रम की परीक्षा नहीं हो पाई थी। लेकिन फाइनल के दौरान जब मध्य क्रम पर पारी संभालने का प्रेशर आया तो टीम इंडिया संभल नहीं सकी। आज के मैच में मध्य क्रम पूरी तरह से फ्लॉप रहा। नतीजा टीम इंडिया को पाकिस्तान ने हराकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम करने कामयाब रही।