उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तय किया है कि उनके शासनकाल में वीआईपी कल्चर का बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। इसकी शुरुआत करते हुए उन्होंने सोमवार को आदेश जारी करते हुए कहा कि सरकार के किसी भी मंत्री को अपनी गाड़ी पर लाल बत्ती इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। 



इसके अलावा उन्होंने भ्रष्टाचार को भी सहन न करने का वादा करते हुए अपने सभी मंत्रियों से अपनी आय और संपत्ति का 15 दिनों में ब्योरा देने को कहा था। साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी जावीद अहमद से मुलाकात में उन्होंने बसपा नेता मोहम्मद शमी की बदमाशों द्वारा की गई हत्या पर शोक जताया है।



वहीं केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती लाल बत्ती कल्चर को बनाए रखने के पक्ष में हैं। उमा का मानना है कि  मंत्रियों को गाडि़यों पर लाल बत्ती लगाकर चलना चाहिए, अगर इसे रोका जाता है तो बहुत तरह की समस्यायें आएंगी। 



उमा के मुताबिक, लाल बत्ती को गाडि़यों से हटाने की बजाय यह तय होना चाहिए कि मंत्री कब और किन हालात में लाल बत्ती की गाड़ी का उपयोग करेंगे। अगर कोई मंत्री सरकारी मीटिंग के लिए जा रहे हैं या मंत्रिमंडल की बैठक में जा रहा है तो उसकी गाड़ी पर लाल बत्ती होनी चाहिए। 




उन्होंने आगे कहा कि सरकारी काम से जा रहे मंत्री के लिए हवाई जहाज भी 5-10 मिनट रोके जा सकते हैं। लेकिन यदि कोई मंत्री किसी निजी कार्यक्रम में जा रहा है तो उसकी गाड़ी पर लाल बत्ती नहीं होनी चाहिए।